अनिल अंबानी की जीवनी

अनिल अंबानी

अनिल धीरूभाई अंबानी एक भारतीय व्यापारी है। वह रिलायंस ग्रुप के अध्यक्ष है, जो रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के एक डिमर्जर के बाद जून 2005 में अस्तित्व में आई थी। वह रिलायंस कैपिटल, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर, रिलायंस पावर और रिलायंस कम्युनिकेशंस सहित कई सूचीबद्ध स्टॉक कंपनियों की अगुवाई कर रहे हैं।

अनिल अंबानी के बारे ने जानकारी

नाम

अनिल धीरुभाई अंबानी
जन्म4 जून, 1959
जन्मस्थानमुंबई, महाराष्ट्र, भारत
शैक्षिक योग्यतामुंबई यूनिवर्सिटी से साइंस में ग्रेजुएशन
व्हार्टन स्कूल पेनसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी से MBA
पिताधीरभाई अंबानी (भारत के महान उद्योगपति)
माताकोकिला बेन अंबानी
भाईमुकेश अंबानी (भारतीय व्यापारी)
बहननीना और दीप्ती
पत्नीटीना अंबानी
बच्चेजय अंशुल अंबानी, जय अनमोल अंबानी

अनिल अंबानी का जन्म व परिवार

अनिल धीरुभाई अंबानी का जन्म 4 जून 1959 को मुंबई में भारत के महान उद्योगपति धीरुभाई अंबानी के घर में हुआ था।अनिल अम्बानी एक गुजराती परिवार से सम्बंधित है। उनके पिता धीरूभाई अंबानी भारत के महान उद्योगपति थे। अनिल अंबानी की मां कोकिला बेन अंबानी है और उनके बड़े भाई मुकेश अंबानी हैं, जो वर्तमान में भारत के सबसे अमीर शख्सियत में से एक हैं और दो छोटी बहने दीप्ती सलगओकार और नीना कोठारी भी हैं।

अनिल अंबानी की शिक्षा

अनिल अंबानी ने अपने स्कूली शिक्षा मुंबई से हासिल की है , इन्होंने मुंबई की ही यूनिवर्सिटी के के.सी. कॉलेज से अपनी ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की और पेनसिलवेनिया यूनिवर्सिटी के व्हार्टन से उन्होंने एमबीए की डिग्री हासिल की है।

अनिल अंबानी की शादी

अनिल अंबानी ने साल 1991 में टीना मुनीम से विवाह कर लिया, टीना एक बॉलीवुड अभिनेत्री है और इनकी ये लव मैरिज थी। उनके दो बेटे है , जिनके नाम जय अनमोल अंबानी जय अंशुल अंबानी है।

अनिल अंबानी का करियर

अनिल अंबानी भारत के उत्कृष्ट उद्योगपतियों में से एक है। अंबानी का भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में काफी योगदान रहा है। वे रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन है जिसमे मुख्य रूप से रिलायंस कम्युनिकेशन, रिलायंस पॉवर, रिलायंस कैपिटल और रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल है।साल 1983 में, वे अपने पिता धीरुभाई अंबानी द्वारा स्थापित कंपनी में शामिल हुए और को-चीफ-एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के पद पर कार्यरत रहे। उन्होंने अपनी योग्यता और कुशल नीतियों की बदौलत भारतीय अर्थव्यवस्था को विकसित करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अपने कामो से पूरी दुनिया को प्रभावित किया।

अनिल अंबानी के इन्ही प्रयत्नों की बदौलत साल 1991 में रिलायंस का ग्लोबल मार्केट शेयर बढ़कर 2 बिलियन US डॉलर हो गया था। हालांकि, बाद में अनिल ने अपने भाई मुकेश अंबानी के साथ मिलकर रिलायंस इंडस्ट्रीज की स्थापना की, जो आज भारत की टॉप टेक्सटाइल और पेट्रोलियम कंपनी है।

अंबानी को भारतीय कैपिटल मार्केट के विस्तार का पूरा श्रेय दिया जाता है। क्योकि ऐसा माना जाता है की रिलायंस ग्रुप की कमान अपने हाथों में लेकर उन्होंने जितना भारतीय कैपिटल मार्केट का विस्तार किया है उतना आज तक कोई नही कर पाया।अंबानी ने मनोरंजन के क्षेत्र में अपनी शुरुवात 2005 में की थी। अनिल अंबानी को भारत का सबसे बड़ा मीडिया साम्राज्य खड़ा करने की का क्रेडिट भी जाता है। उन्होंने “टीवी टुडे” और “ब्लुमबर्ग टीवी” के शेयर खरीदने के साथ “बीबीसी” जैसे अंतर्राष्ट्रीय समाचार चैनलो के साथ भी टाय-अप किया था।

अनिल अंबानी को भारत की सबसे आईपीओ [इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग] रिलायंस पावर को दिया जाता हैं इसने इंडियन कैपिटल मार्केट में साल 2008 में सिर्फ 60 सेकण्ड्स में सबसे ज्यादा सब्सक्राइब किया गया था। साल 2008 में स्टीवन स्पीलबर्ग की प्रोडक्शन कंपनी ड्रीम वर्क्स के साथ 1.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर में एक जॉइंट वेंचर का अम्बानी ने मनोरंजन व्यवसाय का निर्माण किया। उन्होंने स्टीवन स्पीलबर्ग की प्रोडक्शन कंपनी की कई फिल्म्स और अकादमी अवार्ड विनिंग लिंकिन में पैसा लगाया।अंबानी की शरहोल्डर्स कंपनियों में 90 % से भी ज्यादा गिरावट देखी गयी जो की पिछले 100 सालों में किसी भी कंपनी के साथ नहीं हुआ। रिलायंस ADA Group एकमात्र ऐसी कंपनी है। जिसमें शेयरहोल्डर की इतनी तेजी से गिरावट हुई।

आरआईएल ने बार-बार सार्वजनिक रूप से कहा है कि अनिल अंबानी का उद्देश्य‘शिक्षा, स्वास्थ-सेवा, सुरक्षा, मनोरंजन, वित्तीय-सेवा, और सरकार-नागरिक इंटरफ़ेस जैसे प्रमुख क्षेत्रो में अपनी मौजूदगी दर्ज कराना है। उनका इरादा ये है की उपभोक्ता आसानी से डिजिटल उपलब्ध नए कंटेंट तक अपनी पकड़ बनाएं, जिससे देश में एक नए डिजिटल युग की शुरुवात हो सके।यूनिवर्सल म्यूजिक के साथ की गई एक डील के मुताबिल अनिल की कंपनी से जुड़े उपभोक्ता तीन लाख गानों में से अपनी पसंद चुन सकते है। अनिल अंबानी जी ने कुछ प्रमुख फिल्म प्रोडक्शन हाउस, जिनके मालिक स्टीवन स्पीलबर्ग, ब्रेड पिट, निकोलस केज, जिम कैरी और टॉम हैक्स जैसे फ़िल्मी सितारे है, के साथ भी अग्रीमेंट किए हैं।

अंबानी भाईंयों ( मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी ) के बीच विवाद और बंटवारा

मुकेश अंबानी और अनिल अंबानी

रिलायंस इंडस्ट्रीज की नींव रखने वाले भारत के महान उद्योगपति धीरूभाई अंबानी की साल 2002 में मौत हो गई, जिसके बाद मुकेश अंबानी को रिलायंस इंडस्ट्री का अध्यक्ष जबकि अनिल अंबानी को मैनेजिंग डायरेक्टर बनाया गया।लेकीन कुछ दिनों बाद ही दोनों भाईयों की संपत्ति को लेकर अनबन शुरू हो गई। जिसके चलते दोनों अंबानी भाईयों में साल 2005 में बंटवारा हो गया। जिसके बाद अनिल अंबानी के पास टेलीकॉम, वित्तीय सेवाओं और इलैक्ट्रिसिटी का कारोबार आया, जबकि मुकेश अंबानी को केमिकल बिजनेस और ऑयल का कारोबार दिया गया।बंटवारे को लेकर कई सालों तक दोनों अंबानी भाईयों के रिश्ते बिगड़े रहे। यहां तक की साल 2008 में अनिल अंबानी ने अपने भाई के खिलाफ 10 हजार करोड़ रुपए की मानहानि का केस भी दायर किया था।

जब अनिल अंबानी को बिजनेस में मिली असफलता, डूबे कर्ज में

जिस दौरान अंबानी भाईयों के बीच बंटवारा हुआ था, उस दौरान टेलीकॉम सेक्टर में खासा उछाल देखा जा रहा था, जिसके चलते यह अनुमान लगाया जा रहा था कि अनिल अंबानी आने वाले समय में कारोबार में अपनी मजबूत धाक जमा सकते हैं, लेकिन बाद में वे कर्ज में डूब गए और कई दिवालिया कार्यवाई से गुजर रहे हैं।दरअसल, एयरसेल समेत कई डील फेल होने के चलते अनिल अंबानी को काफी नुकसान हुआ। साल 2010 में रिलांयस कम्यूनिकेशन की जीटीएल इंफ्रा के साथ हुई डील लटक गई। लेकिन फिर भी अनिल अंबानी निवेश करते रहे और साल 2017 में एयरसेल के साथ सौदा भी सफल नहीं हुआ।

अनिल अंबानी की कंपनी ने CDMA की 2 जी और 3 जी सेवा में जमकर निवेश किया था, लेकिन जब मार्केट में 4 जी सेवा आई, उसके बाद अनिल अंबानी को एक झटके में काफी नुकसान हो गया।रिलायंस कम्यूनिकेशन में हुए घाटे का असर अनिल अंबानी की बाकी कंपनियों पर भी पड़ा और वह लगातार कर्जे में डूबते रहे। इसके बाद उन्होंने रिलायंस एंटरनेटमेंट में बड़ा निवेश किया लेकिन इसमें भी उन्हें असफलता ही हाथ लगी।

एक समय में दुनिया के सबसे अमीर शख्सियत रह चुके अनिल अंबानी इस समय तीन चीनी बैंकों द्वारा किये गए यूके की अदालत में मुकदमे का सामना कर रहे हैं। इन बैंकों ने साल 2012 में उनकी रिलायंस कम्युनिकेशंस को 68 करोड़ डॉलर का लोन अनिल अंबानी के द्धारा व्यक्तिगत रूप से कर्ज की गारंटी लेने की शर्त पर किया गया था।लेकिन अब खराब कारोबार के चलते अनिल अंबानी की कंपनियां कर्ज नहीं चुका पा रही है और अब मार्केट में उनकी हालत बेहद खराब है तो वहीं दूसरी तरफ इनके भाई मुकेश अंबानी ने साल 2018 में जिओ से टेलीकॉम सेक्टर में एंटरी की और यह कंपनी अच्छा खासा मुनाफा कमा रही है। इस तरह अनिल अंबानी का नाम अब दुनिया के सबसे अमीर शख्सियत में नहीं रह पाया l

बड़े भाई ( मुकेश अंबानी) ने की मदद

साल 2019 में अनिल अंबानी के ऊपर Swedish Gear maker Ericsson ने मुंबई कोर्ट दर्ज कराया था। क्यूंकि अनिल अंबानी ने Swedish gear maker Ericsson से रिलायंस कम्युनिकेशन से लोन ले रखा था। और वो लोन चूका नहीं पाए थे जिसकी वजह से उन्हें जेल जाना पड़ सकता था लेकिन उनके बड़े भाई मुकेश अंबानी ने वो लोन चूका कर उन्हें जेल जाना से बचाया था।फरवरी 2020 में अनिल अंबानी ने तीन चीनी बैंकों से लड़ाई में बंद थे। क्यूंकि उन्हें 100 मिलियन अमेरिकी डॉलर का पेमेंट करना था। लेकिन उनके द्वारा करार दिया गया था कि उनकी नेटवर्थ शून्य है। उसके बाद ये मामला UK court में चल रहा है और उन्हें तीन तीन चीनी बैंकों को 716 अमेरिकी डॉलर का पेमेंट करना हैं।

अनिल अंबानी की कुल संपत्ति

एक समय था जब अनिल अंबानी भारत के सबसे धनी व्यक्ति हुआ करते थे, साल 2018 में इनके पास कुल संपत्ति 210 करोड़ USD के आसपास की संपत्ति थी और इनके पास लेम्बोर्गिनी गैलार्डो, रोल्स रॉयस प्रेत, डब्ल्यू 221 मर्सिडीज बेंज एस-क्लास, रेंज रोवर वोग, टोयोटा फॉर्च्यूनर, लेक्सस एसयूवी और मर्सिडीज जीएलके 350 जैसी कारों के सहित कई जेट प्लेन भी था।वर्तमान में अनिल की ज्यादातर संपत्ति RCOM में इनके 65 % अंशों से बनी है, जिसका बाजार मूल्य 1,03,000 करोड़ रुपये हैं। उनके पास RCL में 50 प्रतिशत से अधिक (बाजार मूल्य 24000करोड़ रुपये), REL में ३५ प्रतिशत (बाजार मूल्य 12,700 करोड़ रुपये) और RNRL में करीब ५४ प्रतिशत है, जिसका बाजार मूल्य करीब 2600 करोड़ रुपए हैं।

अनिल अंबानी को मिले सम्मान व पुरस्कार

  • जून 1990 में भारत में अनिल अंबानी को व्यापार और वित्तीय क्षेत्र का “नया हीरो” कहा गया।
  • प्रसिद्ध पत्रिका बिज़नस इंडिया द्वारा “बिजनेसमैन ऑफ़ द इयर 1997” का सम्मान मिला।
  • दिसंबर 1998 में भारत के टॉप बिज़नेस मैगज़ीन ने ‘Businessman of the Year 1997’ के आवर्ड से सम्मानित किया।
  • टाइम्स ऑफ़ इंडिया के TNS चुनाव द्वारा अनिल अंबानी साल 2006 के लए बिजनेसमैन ऑफ़ द इयर चुने गए थे।
  • इंडिया टुडे पत्रिका द्वारा अगस्त 2006 में आयोजित नेशन पोल में सभी बिज़नेस उद्योगपतियों में “बेस्ट रोल मॉडल” का सम्मान भी मिला था।
  • बॉम्बे मैनेजमेंट एसोसिएशन द्वारा अक्टूबर 2002 में “दशक के सबसे महान उद्यमी” से सम्मानित किया गया था।
  • रिलायंस को इसके अनेक व्यवसाय क्षेत्रो में विश्व स्तर पर शीर्ष क्रमांक पर स्थापित करने में इनके योगदान के लिए दिसंबर 2001 में व्हार्टन इंडिया इकनॉमिक फोरम (WIEF)” द्वारा पहले भारतीय व्हार्टन अलुमिनी अवार्ड से पुरस्कृत किया गया था।
  • अक्टूबर 2002 में बॉम्बे मैनेजमेंट एसोसिएशन ने ‘The Entrepreneur of the Decade Award’ से सम्मानित किया।
  • सितम्बर 2003 में “एमटीवी यूथ आइकॉन ऑफ़ द इयर” चुने गए।
  • प्लॉट्स ग्लोबल एनर्जी अवार्ड्स में उन्हें ‘the CEO of the Year 2004’ के अवार्ड से नवाजा गया।

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