भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का जीवन परिचय

महेंद्र सिंह धोनी एक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर खिलाड़ी है, एम एस धोनी को पद्म भूषण, पद्म श्री और मेजर ध्यान चंद खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। वे भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और भारत के सबसे सफल एक दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कप्तान रह चुके हैं। आइए जानते हैं क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी के जीवन के बारे में

एम एस धोनी की जीवनी एक नजर में

जन्म 7 जुलाई 1981
जन्मस्थानरांची, बिहार, भारत
उपनाममाही, एमएसडी ,एमएस ,कैप्टन कूल
कार्यक्रिकेट खेलना
भूमिकाविकेट-कीपर ,बल्लेबाज
मातादेवकी देवी
पितापान सिंह
वैवाहिक स्थिति विवाहित
पत्नीसाक्षी धोनी
बच्चेजीवा ( लड़की)

महेंद्र सिंह धोनी का जन्म व परिवार

महेंद्र सिंह धोनी का जन्म 7 जुलाई 1981 को रांची, झारखंड में हुआ था, उनके पिता का नाम पान सिंह और माता का नाम देवकी देवी है। उनके पिता मेकॉन स्टील के रिटायर्ड कर्मचारी हैं माता जी हाउस वाइफ है। धोनी के एक बड़े भाई भी है जिसका नाम नरेंद्र सिंह धोनी जो की एक राजनेता है और बड़ी बहन जयंती गुप्ता है जो अंग्रेजी की टीचर है। धोनी को बचपन में फुटबॉल खेलना पसंद था ।

महेंद्र सिंह धोनी की शिक्षा

महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा रांची में स्थित श्यामाली के डीएवी जवाहर विद्या मंदिर स्कूल से की। उस समय ये एक, एथलेटिक छात्र थे, शुरुआत में धोनी बैडमिंटन और फुटबॉल के खेल में ज्यादा रूचि लेते थे वे अपने स्कूली फुटबॉल टीम के एक बहुत ही अच्छे गोलकीपर भी थे। धोनी 1995 से 1998 के दौरान कमांडो क्रिकेट क्लब टीम में नियमित विकेटकीपर भी रहे। 1997-98 के दौरान उन्हें विनो मांकड ट्रॉफी Under-16 चैम्पियनशिप टीम के लिए चुना गया।लेकिन, इनके कोच ठाकुर दिग्विजय सिंह ने इन्हें क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया। दरअसल, धोनी को फुटबॉल टीम में एक गोलकीपर के तौर पर खेलते थे यही देखकर कोच ने उन्हें क्रिकेट में एक विकेट कीपर के तौर पर खेलने को कहा। जिसके बाद धोनी ने अपने माता पिता की सहमती लेकर क्रिकेट खेलना शुरू किया। उन्होंने 10वीं क्लास के बाद ही क्रिकेट को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया। क्रिकेट की वजह से इनको अपनी पढाई को छोड़ना पड़ा और इन्होने 12वी के बाद अपनी पढाई छोड़ दी, और क्रिकेट की दुनिया में अपना कदम रख दिया।

एम. एस. धोनी की शादी

वर्ष 2008 में महेंद्र सिंह अपनी टीम के साथ एक होटल में रूके हुए थे, वहीँ उनकी मुलाकात साक्षी नाम की एक लड़की से हुई, साक्षी रावत तब उसी होटल में इंटर्न के तौर पर काम कर किया करती थीं। जिसके बाद से धोनी और साक्षी की दोस्ती हुई और फिर वे दोनों एक -दूसरे को डेटिंग करना शुरु करने लगे। धोनी और साक्षी दोनों ने एक-दूसरे के साथ लगभग 2 साल तक डेटिंग की इसके बाद उन्होनें शादी करने का फैसला किया और 4 जुलाई 2010 को धोनी और साक्षी दोनों शादी के बंधन में बंध गए। इसके बाद 6 फरवरी, 2015 को साक्षी ने एक बच्ची को जन्म दिया जिसका नाम जीवा रखा गया।

महंद्रे सिंह धोनी का क्रिकेट करियर

घरेलू मैच में एमएस धोनी का करियर

पहला रणजी मैच

धोनी ने साल 1999 में पहली बार रणजी ट्रॉफी खेलने का मौका मिला, और यह पहला रणजी ट्रॉफी मैच बिहार राज्य की तरफ से असम क्रिकेट टीम के विरुद्ध खेला गया था. इस मैच की दूसरी पारी में धोनी ने नाबाद 68 रन बनाए थे, जबकि इस ट्रॉफी के इस सत्र में इन्होंने कुल 5 मैचों में 283 रन अपने नाम किए हैं। इस ट्रॉफी के बाद धोनी ने अन्य और भी घरेलू मैच खेले थे।धोनी के बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद भी इनका चयन ईस्ट जॉन सेलेक्टर द्वारा नहीं किया गया था। जिसके कारण धोनी ने खेल से दूरी बना ली और साल 2001 में कोलकाता राज्य में रेलवे विभाग में बतौर टिकट कलेक्टर के रूप में कार्य करना शुरू कर दिया। लेकिन धोनी का मन इस नौकरी में नहीं लगा और इन्होंने तीन साल के अंदर ही इस नौकरी को छोड़ दिया और फिर से अपने क्रिकेट करियर पर ध्यान देना शुरू कर दिया।साल 2001 में धोनी का चयन दिलीप ट्रॉफी के लिए हो गया, लेकिन धोनी को उनके चयन की जानकारी सही समय पर मिल नहीं पाई । जिसके कारण धोनी इस ट्रॉफी में हिस्सा नहीं ले पाए।

साल 2003 में धोनी को जमशेदपुर में प्रतिभा संसाधन विकास विंग के हुए मैच में खेलते हुए बंगाल के पूर्व कप्तान प्रकाश पोद्दार ने देखा था. जिसके बाद उन्होंने धोनी के खेल की जानकारी राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी को दी।और इस तरह से धोनी का चयन बिहार अंडर-19 टीम में हो गया था।धोनी ने साल 2003-2004 के देवधर ट्रॉफी के टूर्नामेंट में भी हिस्सा लिया था और धोनी पूर्वी जोन टीम का हिस्सा थे।देवधर ट्रॉफी का ये सीजन इनकी टीम द्वारा जीता गया था और धोनी ने इस सीजन में कुल 4 मैच खेले थे, जिनमें इन्होंने 244 रन बनाए थे।साल 2004 में धोनी का चयन ‘इंडिया ए’ टीम में कर लिया गया था. ‘इंडिया ए’ टीम की ओर से धोनी ने अपना पहला मैच बतौर विकेट कीपर के तौर खेलते हुए। जिम्बाबे टीम के विरुद्ध काफी अच्छा प्रदर्शन किया था।

धोनी का प्रोफेशनल क्रिकेटर करियर

धोनी ने अपने प्रोफेशनल क्रिकेट करियर की शुरुआत सन 1998 में बिहार अंडर-19 टीम से शुरु किया।1999-2000 में धोनी ने बिहार रणजी टीम में खेलकर अपना पदार्पण किया। देवधर ट्रॉफी, दिलीप ट्रॉफी और इंडिया “ए” में केन्या टूर में किये गए प्रदर्शन की बदौलत उन पर राष्ट्रीय टीम चयन समीति ने ध्यान दिया।सन 2004 में एक टीम चयन समीति के बैठक में सौरव गांगुली से पुछा गया था कि टीम में विकेट कीपर किसे बनायेंगे? तब सौरव गांगुली ने कहा था कि “मैं एम.एस.धोनी को विकेट कीपर बनाना चहुँगा”।2004 में धोनी ने बांग्लादेश के खिलाफ चिट्टगाँव में अंतर्राष्ट्रीय पदार्पण किया तब से लेकर अब तक महेंद्र सिंह धोनी क्रिकेट में एक बहुत लम्बा सफ़र तय कर चुके है।अपने क्रिकेटिंग करीयर में धोनी ने 90 टेस्ट में 4876 रन बनाये।टेस्ट में उनकी सबसे बड़ी पारी चेन्नई में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आई, इस पारी में धोनी ने 224 रन बनाये। टेस्ट में धोनी ने स्टंप के पीछे 256 कैच और 38 स्टम्पिंग की है।वन-डे इंटरनेशनल में धोनी ने 347 मैचों में 10773 रन बनाये। धोनी ने अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ वन-डे पारी श्रीलंका के खिलाफ 2005 में जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में खेली, इस पारी में धोनी ने 183 रन की पारी खेली. वन डे में धोनी ने विकेट कीपिंग करते हुए 318 कैच पकड़े और 120 स्टम्पिंग की।धोनी के नाम पर इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे तेज़ स्टम्पिंग का रिकॉर्ड भी है उन्होंने मिशेल मार्श की 0.76 सेकंड में स्टंपिंग की थी. अपनी बैटिंग, कीपिंग और फिनिशिंग के लिए धोनी विश्व जगत में मशहूर है. उन्होंने भारत के लिए हर आई.सी.सी. ट्रॉफी जीती, 2007 का टी-20 वर्ल्ड कप, 2011 का वन-डे वर्ल्ड कप, 2013 की चैंपियंस ट्राफी।

महेंद्र सिंह धोनी का वन डे मैच करियर

साल 2004 धोनी को भारतीय टीम की ओर से पहला अंतर्राष्ट्रीय वन डे मैच (ओडीआई) खेलने का मौक मिला।और इन्होंने अपना पहला ओडीआई मैच बंग्लादेश टीम के विरुद्ध खेला था। अपने पहले अंतर्राष्ट्रीय मैच में वे कुछ खास ना कर सके और बिना कोई रन बनाए ही आउट हो गए। हालांकि धोनी के असफलता के बावजूद भी इनका चयन पाकिस्तान के साथ खेले जाने वाले अगले ओडीआई मैच में कर लिया गया था।पाकिस्तान के साथ खेले गए इस मैच में धोनी ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया था। इस मैच में इन्होंने कुल 148 रन अपने नाम किए थे, जिसके साथ ही ये पहले ऐसे भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज भी बन गए जिन्होंने इतने रन बनाए हों।

महेंद्र सिंह धोनी का टेस्ट मैच करियर

धोनी को भारतीय क्रिकेट टीम की ओर से फ़र्स्ट टेस्ट मैच खेलने का अवसर साल 2005 में मिला था और इन्होंने अपना प्रथम मैच श्रीलंका टीम के विरुद्ध खेला था।इस मैच की पहली इनिंग में धोनी ने कुल 30 रन अपने नाम किए थे। लेकिन बारिश के चलते ये मैच बीच में ही बंद करना पड़ा गया थासाल 2006 में पाकिस्तान के विरुद्ध खेलते हुए इन्होंने अपनी पहली टेस्ट सेंच्युरी लगाई थी और इसी के कारण ही इस टेस्ट मैच में भारत को फॉलो-ऑन से बचने में मदद मिली थी।

महेंद्र सिंह धोनी का टी-20 करियर

धोनी ने अपना पहला टी- 20 मैच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेला था और अपने पहले टी 20 मैच में धोनी का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा था।क्योंकि इस मैच में धोनी ने केवल दो गेंदों का ही सामना किया था और शून्य पर ही आउट हो गए थे। हालांकि फिर भिन टीम इंडिया ने इस मैच को जीत लिया था।

धोनी का आईपीएल करियर

आईपीएल के पहले सीजन में धोनी को चेन्नई सुपर किंग्स ने 5 मिलियन अमरीकी डॉलर (10 करोड़) में खरीदा था। और यह कीमत सबसे अधिक थी। इनकी कप्तानी के तहत इस टीम ने इस लीग के दो सीजन जीते थे। इसके अलावा इन्होंने साल 2010 के टटी 20 की चैंपियंस लीग में भी अपनी टीम को विजय बनाया थाचेन्नई सुपर किंग्स पर दो साल का बैन लगाने के बाद इन्हें आईपीएल की दूसरी टीम राइजिंग पुणे सुपरजायंट ने करीब 1.9 मिलियन अमरीकी डॉलर (करीब 12 कोरड़) में खरीद लिया था।जिसके बाद धोनी ने इस टीम की ओर से मैच खेले।साल 2018 में चेन्नई सुपर किंग्स पर लगा बैन खत्म हो गया था और इस सीजन में इस टीम ने फिर से धोनी को अपनी टीम में शामिल कर लिया और इस वक्त धोनी इस टीम का नेतृत्व कर रहे हैं।

2007 विश्व कप महेंद्र सिंह धोनी की भूमिका

2007 में क्रिकेट विश्व कप मैच पहली बार वेस्ट इंडीज में 2007 क्रिकेट विश्व कप मैच में राहुल द्रविड को कप्तान के रूप में चुना गया था और राहुल द्रविड़ के नेतृत्व में भारतीय क्रिकेट टिम क्रिकेट के मैदान में उतरी थी। इस मैच में विश्व की 26 टीमों ने हिस्सा लिया था और इन 26 टीमों को 4 समूहों में विभाजित किया गया था। हर एक टिम बाकी के 3 टीमों के साथ मैच खेलने वाला था। भारत के समूह मे श्रीलंका, बांग्लादेश और बर्म्युडा यह देश थे।2007 क्रिकेट विश्व कप ग्रुप स्टेज में बांग्लादेश और श्रीलंका के नुकसान के बाद भारत विश्व कप से अप्रत्याशित रूप से दुर्घटनाग्रस्त हो गया। धोनी इन दोनों मैचों में एक बतख के लिए बाहर था और टूर्नामेंट में केवल 29 रन बनाए। 2007 विश्व कप में बांग्लादेश के नुकसान के बाद, वह घर जो धोनी अपने घर-शहर रांची में निर्माण कर रहा था वह जेएमएम के राजनीतिक कार्यकर्ताओं द्वारा बर्बाद और क्षतिग्रस्त हो गया था। स्थानीय पुलिस ने अपने परिवार के लिए सुरक्षा की व्यवस्था की क्योंकि भारत ने पहले दौर में विश्व कप से बाहर निकला था।

धोनी ने बांग्लादेश के खिलाफ 91 * रन बनाकर विश्वकप में अपने निराशाजनक प्रदर्शन किए, भारत को रन-चेस में पहले कड़े स्थान पर छोड़ दिया गया था। धोनी ने अपने प्रदर्शन, वनडे क्रिकेट में अपने चौथे के लिए मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया। श्रृंखला के तीसरे गेम को धोने के बाद बाद में उन्हें मैन ऑफ द सीरीज़ भी चुना गया। धोनी के पास एक अच्छा एफ्रो-एशिया कप था, जिसने 3 9 मैचों में 87 रनों की औसत से 174 रन बनाये, जिसमें तीसरे एक दिवसीय मैच में मैन ऑफ द मैच पारी में 9 7 गेंदों में नाबाद 139 रन बनाये।

2011 विश्व कप में महेंद्र सिंह धोनी की भूमिका

2011 क्रिकेट विश्व कप में भारत ने बांग्लादेश को हराकर टूर्नामेंट की अच्छी शुरुआत की थी। धोनी ने ग्रुप स्टेज में नीदरलैंड, आयरलैंड और वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत हासिल की। जबकि वे दक्षिण अफ्रीका से हार गए और इंग्लैंड से बंधे। भारत ने सेमीफाइनल में पाकिस्तान को क्वार्टर फाइनल और कट्टरपंथी पाकिस्तान में हराया। मुंबई में श्रीलंका के साथ अंतिम संघर्ष में धोनी ने भारत को कप उठाने में मदद के लिए 91 * का दस्तक दिया। उन्हें मैन ऑफ द मैच पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

कप्तानी छोड़ना और टी 20 आई टीम से बाहर

जनवरी 2017 में सीमित ओवरों में धोनी भारत के कप्तान के रूप में नीचे उतरे, इंग्लैंड के खिलाफ घर पर ओडीआई श्रृंखला से ठीक पहले। श्रृंखला के दूसरे गेम में, उन्होंने 122 गेंदों पर 134 रन बनाए, जिसमें युवराज सिंह के साथ चौथे विकेट के लिए 256 रन की साझेदारी शामिल थी। शतक, ओडीआई में उनका दसवां, तीन साल से पहले उनका पहला था।8 फरवरी 2018 को, धोनी ओडीआई क्रिकेट में 400 शिकार को प्रभावित करने वाले पहले भारतीय विकेटकीपर बने, उन्होंने एडेन मार्क्राम के स्टंपिंग के बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मैच के दौरान इस उपलब्धि को हासिल किया।2018 एशिया कप में धोनी के खराब बल्लेबाजी प्रदर्शन के बाद, उन्हें वेस्टइंडीज और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 ट्वेन्टी-२० अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए भारत टी 20 आई टीम से बाहर कर दिया गया।दोनों सीरीज के लिए बतौर विकेटकीपर ऋषभ पंत चुने गए।

क्रिकेट से संन्यास

  • 30 दिसंबर, 2014 को महेंद्र सिंह धोनी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। हालांकि, उसके लंबे समय के बाद तक वह वनडे और टी-20 क्रिकेट जरूर खेलते रहे।
  • महेंद्र सिंह धोनी ने 15 अगस्त 2020 को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया।

महेंद्र सिंह धोनी के पास कुल संपत्ति (MS Dhoni Net Worth)

महेंद्र सिंह धोनी के पास कुल संपत्ति करीब 700 करोड़ रुपए के आस पास हैं और इन्होंने ये पैसे क्रिकेट, विज्ञापन और कई तरह के व्यापार करके कमाए हैं।धोनी की वार्षिक आय 102 करोड़ रुपए तक की है।

एम. एस. धोनी का आईपीएल वेतन

एमएस धोनी इंडियन प्रीमियर लीग के सबसे सफल कप्तानों में से एक हैं। चेन्नई सुपर किंग्स के दिग्गज अपने मौजूदा अनुबंध के अनुसार, प्रति सीजन 15 करोड़ रुपये कमाते हैं।

एम. एस. धोनी के ब्रांड एंडोर्समें

एमएस धोनी कुछ प्रमुख ब्रांडों का चेहरा हैं। सोशल मीडिया से दूर रहने के बावजूद, वह ड्रीम 11, गोडैडी, मास्टरकार्ड, यिप्पी नूडल्स, गल्फ इंजन ऑयल आदि ब्रांडों का चेहरा हैं। वह इन सभी से लगभग 50 करोड़ रुपये कमाते हैं।

एम. एस. धोनी का घर

महेंद्र सिंह धोनी का रांची स्थित घर काफी मशहूर है। उनकी हवेली सात एकड़ में फैली हुई है।उनके फार्म हाउस की कीमत लगभग 6 करोड़ रुपये है। एमएस धोनी को ऑटोमोबाइल के प्रति उत्साही के रूप में जाना जाता है। उनके पास कुछ अनोखी और दुर्लभ बाइक और कारें हैं। कैप्टन कूल के कारनामों में लैंड रोवर, हमर एच2, ऑडी क्यू7, मर्सिडीज जी वैगन, हायाबुसा, इंट्रूड और डुकाटी 1098 शामिल हैं।

एम.एस. धोनी – दुनिया के दूसरे सबसे अमीर क्रिकेटर

पुरी दुनिया में दूसरे सबसे अमीर क्रिकेटर और कोई मां बल्कि भारत के दिग्गज कप्तान एमएस धोनी हैं। वह 819 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ सचिन तेंदुलकर के बाद दुनिया के दूसरे सबसे अमीर क्रिकेटर हैं।

एम .एस .धोनी को मिले सम्मान व पुरस्कार

  • महेंद्र सिंह धोनी को वर्ष 2007 के सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल-रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
  • गया।
  • 2008 और 2009 में ICC, ODI आईसीसी ओडीआई प्लेयर ऑफ द ईयर
  • 2009 में चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री
  • साल 2011 में डी मोंटफोर्ट यूनिवर्सिटी की तरफ से मानद डॉक्टरेट की डिग्री
  • 2 अप्रैल, 2018 को तीसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण, इसी साल इंडियन आर्मी का भी सम्मान मिला है।

एम एस धोनी के द्वारा बनाया गया अद्भुत रिकॉर्ड

  • 5 अप्रैल 2005 को महेन्द्र सिंह धोनी को पाकिस्तान के विरुद्ध 148 रन बनाने पर मैन ऑफ द मैच पुरस्कार दिया
  • पाकिस्तान के विरुद्ध 148 रन बनाने पर धोनी भारत के किसी विकेटकीपर द्वारा बनाए सर्वाधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए।
  • 31 अक्टूबर 2005 को जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में श्रीलंका के विरुद्ध धोनी ने अविजित 183 रन बनाए जो विश्व के किसी विकेट कीपर द्वारा बनाया गया सर्वाधिक स्कोर था। अत: उन्होंने विश्व कीर्तिमान स्थापित किया और वह मैन ऑफ द मैच चुने गए।
  • 19 अप्रैल 2006 को आई.सी.सी. रैंकिंग में (एक दिवसीय मैच में) धोनी को एक नम्बर रैकिंग मिली।
  • धोनी एक दिवसीय मैचों में एक मैच में 10 छक्के लगाने वाले प्रथम भारतीय खिलाड़ी है।
  • एक दिवसीय मैच में 15 चौके तथा 10 छक्के लगाकर धोनी ने 120 रन बनाने का कीर्तिमान बनाया है।
  • एक दिवसीय मैचों की आई.सी.सी. रैकिंग में प्रथम स्थान पर पहुंचने वाले धोनी प्रथम भारतीय क्रिकेटर हैं।
  • उन्हें 2006 में एम टी.वी. तथा पेप्सी का यूथ आइकॉन चुना गया।
  • एन.डी.टी.वी. ने उन्हें 2006 के लिए यूथ आइकॉन नामांकित किया।
  • 2007 में बीस ओवर्स की मैच श्रंखला में भारत की टीम महेन्द्र सिंह धोनी की कप्तानी में खेली और फाइनल मैच में पाकिस्तान को हराकर विश्व-चैंपियन घोषित हुई।
  • आईसीसी की सभी तीन ट्रॉफी जीतने वाले एकमात्र कप्तान – एमएस धोनी ने अपनी कप्तानी में भारत को वनडे विश्व कप, वर्ल्ड टी20 और चैंपियंस ट्रॉफी में जीत दिलाई
  • भारत के 251वें टेस्ट, 157वें वनडे और दूसरे टी20 खिलाड़ी
  • – सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैचों में कप्तानी का रिकॉर्ड – 332
  • भारत की तरफ से सबसे ज्यादा टेस्ट (60), वनडे (200) और टी20 अंतरराष्ट्रीय (72) में कप्तानी का रिकॉर्ड, साथ ही भारत की तरफ से सबसे ज्यादा टेस्ट (27), वनडे (110) और टी20 अंतरराष्ट्रीय (41) जीतने वाले कप्तान
  • वनडे में 10000 रन का रिकॉर्ड, भारत से सिर्फ पांच और विश्व के सिर्फ 13 बल्लेबाजों के नाम यह रिकॉर्ड
  • सबसे ज्यादा टी20 अंतरराष्ट्रीय (98) खेलने वाले भारतीय खिलाड़ी
  • 300 वनडे खेलने वाले सिर्फ छठे भारतीय खिलाड़ी
  • वनडे में किसी भी विकेटकीपर बल्लेबाज के सर्वाधिक स्कोर का विश्व रिकॉर्ड – 183* vs श्रीलंका, जयपुर, 2005
  • अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा स्टंपिंग का रिकॉर्ड – 195, इसके अलावा उनके नाम टी20 अंतरराष्ट्रीय में भी सबसे ज्यादा स्टंपिंग (34) का रिकॉर्ड है
  • वनडे में सबसे ज्यादा स्टंपिंग का रिकॉर्ड – 123
  • टी20 अंतरराष्ट्रीय में विकेटकीपर के सबसे ज्यादा शिकार का विश्व रिकॉर्ड – 91 (57 कैच एवं 34 स्टंपिंग)
  • टी20 अंतरराष्ट्रीय में विकेटकीपर द्वारा सबसे ज्यादा कैच लेने का विश्व रिकॉर्ड – 57
  • वनडे में सबसे ज्यादा बार नॉट आउट रहने का विश्व रिकॉर्ड – 84
  • वनडे में भारत के किसी भी खिलाड़ी द्वारा सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में दूसरे स्थान पर – 229
  • वनडे में सबसे ज्यादा 9 बार छक्के से मैच जितवाने का विश्व रिकॉर्ड
  • अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी भी कप्तान द्वारा सबसे ज्यादा छक्के लगाने का विश्व रिकॉर्ड – 204
  • सबसे ज्यादा 255 टी20 मैचों में कप्तानी का रिकॉर्ड और 150 टी20 मैच जीतने का रिकॉर्ड बनाने वाले विश्व के एकमात्र कप्तान
  • टी20 क्रिकेट में विकेटकीपर के सबसे ज्यादा शिकार – 228 (151 कैच और 77 स्टंपिंग)
  • विकेटकीपिंग में भारत के सभी प्रमुख रिकॉर्ड एमएस धोनी के नाम
  • टेस्ट में सबसे ज्यादा शिकार – 294, सबसे ज्यादा कैच – 256 और सबसे ज्यादा स्टंपिंग – 38
  • वनडे में सबसे ज्यादा शिकार – 444, सबसे ज्यादा कैच – 321 और सबसे ज्यादा स्टंपिंग – 123
  • टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे ज्यादा शिकार – 91,सबसे ज्यादा कैच – 57 और सबसे ज्यादा स्टंपिंग – 34

धोनी के जीवन पर बनी फिल्म

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के जीवन पर बनी फिल्म। जिसका नाम ‘एम.एस धोनी: अंटोल्ड स्टोरी’ रखा गया और ये फिल्म साल 2016 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म में धोनी की जिंदगी को दर्शाया गया था और इनकी भूमिका को एक्टर सुशांत सिंह राजूपत द्वारा निभाया गया था।

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