प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जीवन परिचय

नरेंद्र मोदी ऐसी सख्शियत है, जो कि देश हो या विदेश सभी जगह प्रसिद्ध हैं।वर्तमान में मोदी हमारे देश भारत के 15 वें प्रधानमंत्री के रूप में कार्यरत है।सन 2014 और फिर 2019 के आम चुनावों में भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर मोदी ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है।

मोदी का जन्म व प्रारंभिक जीवन

नरेंद्र दामोदरदास मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को तत्कालीन बॉम्बे राज्य जो अब वर्तमान गुजरात राज्य में आता है, वहां मेहसाणा जिले के वडनगर नामक छोटे से गांव में उनका जन्म हुआ था।उनका जन्म एक अन्य पिछड़े वर्ग में हुआ था। उनके पिता का नाम श्री दामोदरदास मूलचंद मोदी था और माता का नाम हीराबेन मोदी है। जब नरेंद्र का जन्म हुआ, तब उनके परिवार की स्थिति आर्थिक रूप से कुछ खास नहीं थी। उनके पिता रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने का काम करते थे। जब नरेंद्र थोड़े बड़े हुए तो वह भी प्रतिदिन अपने पिता के साथ रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने में उनकी मदद किया करते थे। उनकी माता घर का खर्च चलाने के लिए दूसरों के घरों में जाकर घर के काम करती थी।मोदी के माता-पिता धर्म-कर्म में विश्वास रखते थे, जिसके कारण आगे चलकर उनके अंदर भी अध्यात्म और सामाजिक कार्य के विचार समाहित हुए। बचपन में नरेंद्र की रूचि नाट्य कला में रही है। जब कभी भी गांव में रामलीला या रामायण की नाट्य कला आयोजित की जाती थी, उसने मोदी बचपन में जरूर भाग लिया करते थे। धर्म-कर्म के माहौल में रहने के परिणाम स्वरूप वे अपना जीवन राष्ट्र के लिए निछावर करने की इच्छा रखते थे।

नरेंद्र मोदी जी की शिक्षा एवं शुरुआती करियर

नरेंद्र मोदी की प्रारंभिक शिक्षा वडनगर के स्थानीय स्कूल से पूरी की, सन 1967 तक मोदी ने अपनी हाई सेकेंडरी की पूरी पढ़ाई कर ली थी। उसके बाद उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण उन्होंने अपना घर छोड़ दिया था, और फिर उन्होंने पूरे भारत में भ्रमण कर विविध संस्कृतियों की खोज की।इसके लिए मोदी ने उत्तर भारत में स्थित ऋषिकेश एवं हिमालय जैसे स्थानों का दौरा किया।उत्तर पूर्व के हिस्सों में दौरा करने के 2 साल बाद वे भारत लौटे।इस तरह से मोदी ने अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद कुछ साल तक अपनी आगे की पढ़ाई नहीं की थी।सन 1978 में मोदी से अपनी उच्च शिक्षा के लिए भारत के दिल्ली यूनिवर्सिटी में एवं उसके बाद अहमदाबाद में गुजरात यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया।वहां उन्होंने राजनीति विज्ञान में क्रमशः स्नातक एवं स्नातकोत्तर किया। मोदी पढ़ाई में सामान्य थे, किन्तु वे पुस्तकालय में ज्यादातर अपना समय बिताया करते थे।उनकी वाद – विवाद की कला बेहतरीन थी।

नरेंद्र मोदी की शादी

एक पिछड़े वर्ग से ताल्लुक रखने के कारण उनकी सगाई 13 वर्ष में जसोदा बेन चमनलाल से हो गयी थी।और चार साल बाद 17 वर्ष की उम्र में उनका विवाह हो गया।लेकिन उन्होंने परिवारवाद को पीछे छोड़ कर अपना पूरा जीवन समाज सेवा में लगाने का विचार किया।शादी के बाद The Financial Express की खबर के अनुसार वो दोनों साथ में कई वर्ष तक रहे और बाद में अलग अलग रहने लगे जिसमें केवल नरेंद्र मोदी की इच्छा थी।

पीएम मोदी का राजनीतिक जीवन की शुरुआत

मोदी ने अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद मोदी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में शामिल हो कर फुलटाइम प्रचारक के रूप में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) जो कि एक हिन्दू राष्ट्रवादी राजनीतिक दल हैं में शामिल होने के लिए अहमदाबाद चले गए।सन 1975 – 77 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाये गये राष्ट्रीय आपातकाल के दौरान, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ में प्रतिबंध लगा दिया गया था।जिसके कारण मोदी को उस समय अंडरग्राउंड होने के लिए मजबूर होना पड़ा एवं गिरफ़्तारी से बचने के लिए भेस बदल कर यात्रा किया करते थे।इसके बाद नरेन्द्र मोदी राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में राजनीति में शामिल हुए। इन्हें आरएसएस में लेखन का काम सौंपा गया था।1985 में आरएसएस द्वारा मोदी ने भारतीय जनता पार्टी यानि बीजेपी पार्टी में सम्मिलित होने के बारे में सोचा और सन 1987 में नरेंद्र मोदी पूरी तरह से बीजेपी में शामिल हो गए, और पहली बार उन्होंने अहमदाबाद नगरपालिका चुनाव में भाजपा के अभियान को व्यवस्थित करने में मदद की, इसमें भाजपा की जीत हुई।

नरेंद्र मोदी का गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में करियर

सन 2001 में नरेंद्र मोदी ने पहली बार में विधान सभा चुनाव लड़ा, और राजकोट में दो में से एक सीट जीती। जिसके बाद वे गुजरात के मुख्यमंत्री बन गए। दरअसल उस समय केशुभाई पटेल का स्वास्थ्य ख़राब हो गया था और दूसरी तरफ उपचुनाव में भाजपा राज्य की कुछ विधानसभा सीटें हार गई थी।जिसके बाद बीजेपी की राष्ट्रीय लीडरशिप केशुभाई पटेल के हाथ से लेकर मोदी को थमा दी गई थी और उन्हें गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार सौंपा गया।7 अक्टूबर सन 2001 को मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की।इसके बाद उनकी एक के बाद एक जीत निश्चित होती चली गई।सबसे पहले उन्होंने 24 फरवरी 2002 में राजकोट के ‘द्वितीय निर्वाचन क्षेत्र’ के लिए उपचुनाव जीता।

सन 2002 में गुजरात दंगे में नरेंद्र मोदी को मिली ‘क्लीन चिट

नरेंद्र मोदी के उपचुनाव जीतने के 3 दिन बाद गुजरात में सांप्रदायिक हिंसा की एक बहुत बड़ी घटना हुई, जिसके परिणामस्वरुप 58 लोगों की हत्या कर दी गई थी। क्योंकि उस समय गोधरा के पास सैकड़ों यात्रियों से भरी एक ट्रेन में जिसमे ज्यादातर हिन्दू यात्री थे, उसमें आग लगा दी गई थी। इस घटना से मुस्लिमों के विरोध में यह घटना हुई थी। जिससे यह पूरे गुजरात में फ़ैल गया और गुजरात में सांप्रदायिक रूप से दंगे होने लगे। इस दंगे में लगभग 900 से 2,000 लोगों को अपनी जान गवानी पड़ी थी।उस दौरान राज्य में मोदी की सरकार थी, जिसके कारण उन पर इस दंगे को फ़ैलाने का आरोप लगाया गया था। मोदी पर लगाये गये आरोप के चलते उन पर चारों तरफ से दबाव बढ़ गया था, जिसके कारण उन्हें अपने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा भी देना पड़ा था। इसलिए मोदी का उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री का कार्यकाल केवल कुछ महीनों का ही चल पाया था। फिर सन 2009 में इससे संबंधित सुप्रीमकोर्ट ने एक दल बनाया, जोकि इस मामले की जाँच करने के लिए बनाया गया था।इस दल का नाम एसआईटी था। इस दल ने पूरी तरह से जाँच करने के बाद सन 2010 में सुप्रीम कोर्ट में एक रिपोर्ट पेश की, जिसमें मोदी को इस मामले में ग्रीन सिग्नल दे दिया गया।हालाँकि सन 2013 में इस जाँच दल के ऊपर आरोप लगाया गया, कि उन्होंने मोदी के खिलाफ मिले सबूतों को छिपाया है।

दूसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में

जब मोदी को कोर्ट से क्लीन चिट मिल गई, तो उन्हें फिर से गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्त कर दिया गया था। मोदी के दोबारा गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने राज्य के विकास के लिए कार्य करने शुरू कर दिए। इससे राज्य में काफी परिवर्तन भी आये।सन 2007 में मोदी ने वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन में गुजरात में 6,600 अरब रूपये के रियल स्टेट निवेश सौदों पर हस्ताक्षर किये
इसके बाद इसी साल जुलाई में नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री के रूप में लगातार 2,063 दिन पूरे कर लिए थे, जिसके चलते उन्होंने सबसे अधिक दिनों तक गुजरात के मुख्यमंत्री पद को संभालने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया था।

तीसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में

मेंमोदी का यह रिकॉर्ड आगे भी कायम रहा,और सन 2007 में हुए गुजरात विधानसभा चुनाव में मोदी ने दोबारा जीत हासिल की और वे वहां के तीसरी बार मुख्यमंत्री बन गये। इस कार्यकाल के दौरान मोदी ने राज्य में आर्थिक विकास के बारे में अधिक ध्यान दिया।मोदी के मुख्यमंत्री बनने के इस कार्यकाल में गुजरात में कृषि विकास दर में काफी वृद्धि हुई थी।इसकी वृद्धि इतनी थी, कि यह भारत के अन्य राज्यों की तुलना में काफी विकासशील राज्य बन गया था।

चौथी बार मुख्यमंत्री के रूप में

सन 2012 में फिर से गुजरात में विधानसभा चुनाव आयोजित हुए और हर साल की तरह इस साल भी मोदी ने ही जीत हासिल की और उन्हें चौथी बार भी गुजरात के मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के लिए नियुक्त कर दिया।इसलिए मोदी को राज्य में समृद्धि और विकास लाने का श्रेय दिया गया।

प्रधानमंत्री पद के करियर की शुरुआत

गोआ में भाजपा कार्यसमिति द्वारा नरेन्द्र मोदी को 2014 के लोक सभा चुनाव अभियान की कमान सौंपी गयी थी।13 सितम्बर 2013 को हुई संसदीय बोर्ड की बैठक में आगामी लोकसभा चुनावों के लिये प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया गया। इस अवसर पर पार्टी के शीर्षस्थ नेता लालकृष्ण आडवाणी मौजूद नहीं रहे और पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने इसकी घोषणा की। मोदी ने प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित होने के बाद चुनाव अभियान की कमान राजनाथ सिंह को सौंप दी। प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाये जाने के बाद मोदी की पहली रैली हरियाणा प्रान्त के रिवाड़ी शहर में हुई।एक सांसद प्रत्याशी के रूप में उन्होंने देश की दो लोकसभा सीटों वाराणसी तथा वडोदरा से चुनाव लड़ा और दोनों निर्वाचन क्षेत्रों से भारी मतों से विजयी हुए।

प्रथम शपथ ग्रहण समारोह

नरेन्द्र मोदी का 26 मई 2014 से भारत के 15वें प्रधानमन्त्री का कार्यकाल राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में आयोजित शपथ ग्रहण के पश्चात प्रारम्भ हुआ।मोदी के साथ 45 अन्य मंत्रियों ने भी समारोह में पद और गोपनीयता की शपथ ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित कुल 46 में से 36 मंत्रियों ने हिन्दी में जबकि 10 ने अंग्रेजी में शपथ ग्रहण की थी। समारोह में विभिन्न राज्यों और राजनीतिक पार्टियों के प्रमुखों सहित दक्षेस देशों के राष्ट्राध्यक्षों को आमन्त्रित किया गया।इस घटना को भारतीय राजनीति की राजनयिक कूटनीति के रूप में भी देखा जा रहा है।

नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री पहली बार

नरेंद्र मोदी देश के 14 वें प्रधानमंत्री नियुक्त हो गये। नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद लोगों को उनसे काफी उम्मीदें होने लगी। प्रधानमंत्री के रूप में मोदी ने भारत में कई विकास कार्य किये।उन्होंने विदेशी व्यवसायों को भारत में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया।मोदी ने विभिन्न नियमों, परमिट्स और इंस्पेक्शन लागू किये, जिससे कि व्यवसाय अधिक एवं आसानी से बढ़ सके. मोदी जी ने सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों पर कम खर्च किया, और स्वास्थ्य सेवा की तरफ अधिक ध्यान केन्द्रित किया. इसके अलावा मोदी जी ने हिंदुत्व, रक्षा, पर्यावरण एवं शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए भी कई कार्य किये।

दूसरा शपथ ग्रहण समारोह

राष्ट्रपति, राम नाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति, एम। वेंकैया नायडू, प्रधान मंत्री, नरेंद्र मोदी और अन्य मंत्रियों के साथ राष्ट्रपति भवन में शपथ ग्रहण समारोह के बाद,भारतीय जनता पार्टी के संसदीय नेता नरेंद्र मोदी ने 30 मई 2019 को भारत के 15 वें प्रधान मंत्री के रूप में शपथ ग्रहण के बाद अपना कार्यकाल शुरू किया। मोदी के साथ कई अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ली। इस समारोह को मीडिया द्वारा सभी बिम्सटेक देशों के प्रमुखों द्वारा भाग लेने के लिए किसी भारतीय प्रधान मंत्री के शपथ ग्रहण समारोह के लिए नोट किया गया था।

नरेंद्र मोदी दूसरी बार बने प्रधानमंत्री

2019 लोकसभा चुनाव में मोदी का परचम फिर छाया रहा।मोदी क्रांति ने दुसरे दलों को बहुत पीछे छोड़ दिय। नरेन्द्र मोदी जी की पूर्ण बहुमत के साथ 303 सीट प्राप्त कर अभूतपूर्व जीत हुई। भारत के इतिहास में पहली बार है कि किसी नेता ने लगातार दूसरी बार पूर्ण बहुमत के साथ इतनी बड़ी जीत हासिल की है।भारत की जनता ने इस बार अपना प्रधानमंत्री खुद चुना है, और सबने मोदी जी पर पूर्ण विश्वास दिखाया है।मोदी लहर कहो या मोदी क्रांति, इस बार भारत के ये लोकसभा चुनाव पूरी दुनिया में छाए रहे. मोदी की वाहवाही चारों और थी। नरेन्द्र मोदी जी के पिछले पांच सालों के काम से जनता बहुत खुश थी, जिसके चलते जनता उन्हें एक बार और मौका देना चाहती थी।उन्नत भारत के लिए लोगों को मोदी जी से बहुत उम्मीद है. मोदी जी ने भी कहा “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास = विजयी भारत”।वर्तमान में मोदी भारत के प्रधानमंत्री पद के लिए कार्यत है । और वे भारत के विकास के लिए हमेशा अपना योग्य देते रहेंगे। ।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किये गए प्रमुख योजनानाएं

महिलाओं के लिए कुछ प्रमुख योजनाएं

  • महिलाओं के लिए कुछ प्रमुख योजनाएं
  • उज्जवला योजना
  • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना
  • फ्री सिलाई मशीन योजना
  • सुरक्षित मातृत्व आश्वासन सुमन योजना
  • सुकन्या योजना

किसानों के लिए कुछ प्रमुख योजनाएं

  • पीएम किसान सम्मान निधि योजना
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
  • मत्स्य संपदा योजना
  • पीएम किसान मानधन योजना
  • ऑपरेशन ग्रीन योजना
  • प्रधानमंत्री कुसुम योजना
  • फ्री सोलर पैनल योजना
  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना

गरीब परिवारों के लिए प्रमुख योजनाएं

  • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना
  • ग्रामीण आवास योजना
  • स्वामित्व योजना
  • प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना
  • इंदिरा गांधी आवास योजना
  • विवाद से विश्वास योजना
  • आयुष्मान सहकार योजना

अन्य प्रसिद्ध योजनाएं

  • पीएम वाणी योजना
  • प्रधान मंत्री रोजगार योजना
  • मुद्रा लोन योजना
  • स्वच्छ भारत अभियान
  • डिजिटल इंडिया प्रोग्राम
  • मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट

प्रधानमंत्री द्वारा किए गए मुख्य कार्य

  • भूमि जल संरक्षण प्रोजेक्ट
  • नोटबंदी
  • जीएसटी
  • सर्जिकल स्ट्राइक
  • एयर स्टाइल

मोदी को मिले सम्मान और पुरस्कार

  • इंडिया टुडे द्वारा 2007 के एक राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण में मोदी सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री साबित हुए।
  • 2009 में एफडी मैगज़ीन में उन्हें एफडीआई पर्सनालिटी ऑफ़ द ईयर पुरस्कार के एशियाई विजेता के रूप में सम्मानित किया गया।
  • 2014 में फोर्ब्स पत्रिका में विश्व के शक्तिशाली व्यक्तियों में 14 वा स्थान |
  • 2014 में सीएनएन-आईबीएन न्यूज नेटवर्क द्वारा इंडियन ऑफ द ईयर चुने गये
  • 2015 में विश्व के शक्तिशाली लोगों में 9वा स्थान फोर्ब्स पत्रिका के सर्वे में |
  • 2016 में विश्व प्रसिद्ध फोर्ब्स पत्रिका में विश्व का 9वा स्थान ।
  • अप्रैल 2016 में नरेंद्र मोदी सऊदी अरब के उच्चतम नागरिक सम्मान “अब्दुलअजीज अल सऊद के आदेश“
  • 2014 और 2016 में टाइम मैगजीन रीडर्स पोल में मोदी को ‘पर्सन ऑफ द ईयर’ यानि कि साल के सबसे प्रभावशाली व्यक्ति का खिताब हासिल किया।
  • जून 2016 में अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने भारतीय प्रधानमंत्री के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार अमीर अमानुल्ला खान अवार्ड से सम्मानित किया।
  • 2015 में मोदी “फॉर्च्यून मैगजीन की” दुनिया के सबसे महान नेताओं “की पहली वार्षिक सूची में पांचवें स्थान पर थे।
  • वह 2014, 2015 और 2017 में टाइम मैगजीन के विश्व में 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में से एक थे।

Leave a Reply