विलियम शेक्सपियर की जीवनी

William Shakespeare

विलियम शेक्सपियर, 16 वीं शताब्दी के एक जाने माने अंग्रेजी कवि, नाटककार और अभिनेता थे। इन्हें इंग्लैंड का राष्ट्रीय कवि भी कहा जाता था एवं इनका उपनाम “बार्ड ऑफ़ एवन” था। इन्होंने 38 नाटकों, 154 सनेट्स, 2 लंबी कथा कविता और कुछ अन्य छंद जिनमें से कुछ की औथोर्शिप अनिश्चित है के बारे में लिखा। इनके नाटकों को हर एक भाषा में अनुवाद किया गया है। इनके काम को लोगों ने बहुत सराहा है। विलियम शेक्सपियर के बिना साहित्य, मछली के बिना एक्वेरियम की तरह है। इन्होंने लगभग 1700 अंग्रेजी के शब्दों को उत्पन्न किया।

आइए बात करते हैं विलियम शेक्सपियर के जिंदगी के बारे में –

जीवन से जुड़ी विशेष जानकारी, समर्पण सहित आगामी विचार व्यवस्था –

पूरा नाम विलियम शेक्सपियर
जन्म 26 अप्रैल 1564
जन्म स्थान इंग्लैंड के स्ट्रेटफोर्ड – अपॉन – एवन
राष्ट्रीयता ब्रिटिश
पेशा नाटककार, अभिनेता
पिता जॉन शेक्सपियर
माता मैरी शेक्सपियर
पत्नी ऐनी हथावे
मृत्यु 23 अप्रैल 1616

विलियम शेक्सपियर का प्रारंभिक जीवन

विलियम शेक्सपियर का जन्म 26 अप्रैल सन 1564 को इंग्लैंड के Warwickshire में स्ट्रेटफोर्ड – अपॉन – एवन शहर में हुआ। इनके पिता जॉन शेक्सपियर एक सफल लोकल व्यापारी थे, साथ ही वे स्ट्रेटफोर्ड की सरकार में जिम्मेदार पद पर आयोजित थे एवं 1569 में उन्होंने मेयर के रूप में भी कार्य किया। तथा माता मर्री शेक्सपियर एक पड़ोसी गाँव के धनी जमींदार की बेटी थीं। इनके माता पिता की 8 संतानें थी उनमें से विलियम शेक्सपियर तीसरे थे।यह माना जाता है कि आर्थिक रूप से अपने पिता की मदद करने के लिए उन्होंने अपनी पढ़ाई लगभग 13 साल की उम्र में छोड़ दी थी।

विलियम शेक्सपियर का पारिवारिक जीवन

साहित्य में विलियम शेक्सपियर के जीवन के बारे में जितना वर्णन किया गया है उनके अनुसार विलियम शेक्सपियर जब 18 वर्ष के थे तब उनकी शादी ऐनी हथावे से कर दी गई थी जो उनसे 8 साल बड़ी थी। विलियम और एनी की शादी हुई थी तब एनी 26 साल की थी। विलियम शेक्सपियर की शादी के 6 महीने बाद ही उनकी एक बेटी हुई जिसका नाम सुसंना था। सूत्रों के अनुसार विलियम शेक्सपियर ने मरने के बाद अपनी सारी संपत्ति सुसंना के नाम पर ही की थी। सुसंना के बाद विलियम और एनी के दो जुड़वा बच्चे हुए जिसके नाम हमलेट और जूडिथ था।

विलियम शेक्सपियर का करियर

1592 तक शेक्सपियर ने एक अभिनेता के रूप में काम करना शुरू कर दिया था। कई नाटक लिखे थे और लंदन में अपने भूगोल, संस्कृति और विविध व्यक्तित्वों के बारे में लिखने के लिए पर्याप्त समय बिताया था। माना जाता है कि शेक्सपियर के पहले नाटकों को 1592 से पहले या उसके आसपास लिखा गया था जिसमें बार्ड के नाटक में सभी तीन मुख्य नाटकीय शैलियों को शामिल किया गया था : त्रासदी (टाइटस एंड्रोनिकस), कॉमेडी (वेरोना के दो सज्जन), ‘द कॉमेडी ऑफ एरर्स’ और ‘द टैमिंग ऑफ द श्रू’ और इतिहास “हेनरी VI” त्रयी और “रिचर्ड III”। शेक्सपियर के कई अलग-अलग थिएटर कंपनियों से जुड़े होने की संभावना थी जब ये शुरुआती काम लंदन के मंच पर शुरू हुए थे।

1594 में उन्होंने एक मंडली के लिए लेखन और अभिनय शुरू किया जिसे लॉर्ड चेम्बरलेन्स के मेन के नाम से जाना जाता है (जब जेम्स प्रथम ने स्वयं को इसका संरक्षक नियुक्त किया तो राजा के आदमियों का नाम बदल दिया) अंततः इसके घर के नाटककार बन गए और 1599 में पौराणिक ग्लोब थिएटर की स्थापना के लिए अन्य सदस्यों के साथ भागीदारी की।

विलियम शेक्सपियर द्वारा लिखी गई कविताएं

  • Venus and Adonis (शुक्र और एडोनिस) :- 1593
  • The Rape of Lucrece (लूस्रे का बलात्कार) :- 1594
  • Sonnets (सोननेट्स) :- 1598-1609
  • The Passionate Pilgrim (द पैशनेट पिलग्रिम) :- 1599
  • The Phoenix and The Turtle (फीनिक्स और कछुआ ) :- 1601

विलियम शेक्सपियर की प्रसिद्ध रचनाएं

  • Hamlet, Romeo and Juliet,
  • The Merry Wives of Windsor
  • Twelfth Night
  • All’s Well That Ends Well
  • Troilus and Cressida
  • Measure for Measure
  • Othello, King Lear
  • Macbeth
  • Antony and Cleopatra Coriolanus
  • Timon of Athens
  • Pericles
  • The Tempest
  • Cymbeline
  • The Winter’s Tale

विलियम शेक्सपियर का लेखन/ कार्यकाल

विलियम शेक्सपियर ने जब लेखन का कार्य शुरू किया तब उन्होंने कभी भी स्वयं को नाटक लिखने के लिए या फिर कहानी लिखने के लिए बाध्य नहीं किया बल्कि उन्होंने हमेशा ही खुद को मुक्त रखा है और अलग-अलग तरह की रचनाएं करते रहे।

यही वह कारण है जिसके वजह से विलियम शेक्सपियर अपने लेखन कैरियर में इतनी सारी रचनाएं करने में कामयाब हुए थे। उन्होंने 38 नाटक, 154 सनेट्स, 2 लंबी कथा कविता और कई सारे छोटे-छोटे पंक्ति और quotes भी लिखा है।

विलियम शेक्सपियर के उच्च विचार

  • सबसे प्यार करो, कुछ पर भरोसा करो, किसी का भी बुरा मत करो।
  • मूर्ख को लगता है कि वह बुद्धिमान है, किन्तु बुद्धिमान व्यक्ति जानता है कि वह मूर्ख है।
  • महानता का डर नहीं हैं. कुछ महान पैदा ही होते है महानता प्राप्त करने के लिए।
  • प्यार, आँखों के साथ नहीं बल्कि मन के साथ देखा जाता हैं और इसलिए पंखों का लोभ करने वालों को अँधा चित्रित किया गया है।
  • गलतियाँ हमारे सितारों में नहीं है लेकिन अपने आप में है.
  • मैं दिमाग की लड़ाई में आपको चुनौती देता हूँ, लेकिन मैं देख रहा हूँ कि आप निहत्थे हैं।
  • अच्छा या बुरा कुछ नहीं होता, लेकिन सोच इसे बनाती है.
  • हमारी नियति को पकड़ना सितारों में नहीं होता लेकिन अपने आप में होता है।
  • नर्क खाली है और सभी शैतान यहाँ हैं।
  • हम जानते है कि हम क्या हैं लेकिन ये नहीं जानते कि क्या हो सकते हैं।
  • शब्द हवा की तरह आसान है; वफादार दोस्त खोजने में मुश्किल है।
  • मेरे अंगूठे की चुभन, कुछ दुष्ट इस तरह से आते हैं।
  • हालांकि वह हो सकती है लेकिन बहुत कम है, वह भयंकर है।
  • हे प्रभु, क्या मुर्ख ये मनुष्य हैं।
  • सच्चे प्यार का रास्ता कभी आसान नहीं होता।
  • अपना प्यार किसी ऐसे पर बर्बाद मत करों, जिसे इसकी कद्र नहीं।
  • इस तरह एक किस के साथ मैं मरता हूँ।
  • उसके साथ विवाद मत करो, वह पागल है।
  • मुझे यह स्थान पसंद है, और ख़ुशी इस पर मेरा समय बर्बाद कर सकती है।
  • ख़ुशी और हँसी के साथ पुरानी झुर्रियां भी आतीं हैं।

विलियम शेक्सपीयर की मृत्यु

वे लंदन की नामी-गिरामी नाटक कंपनियों में निवेश कर तथा अपने लेखन और अभिनय से काफी धनी हो चुके थे। उन्होंने अपने पैसे का ज्यादातर हिस्सा स्ट्रैटफोर्ड के रियल एस्टेट में निवेश कर दिया और इसी नगर के दूसरे नंबर के सबसे आलीशान घर New Place को 1597 में खरीद लिया। शेक्सपीयार ने अपने अंतिम नाटक The Two Noble Kinsmen को अपने दोस्त John Fletcher के सहयोग से 1613 में पुरा किया। उनकी मृत्यु 23 अपै्रल 1616 में हुई। हालांकि हम उनके मृत्यु के स्पष्ट कारणों को नहीं जानते

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