लखीमपुर हिंसा मामला -क्या किसानों को मारने के लिए सोची समझी साजिश की गई थी, आशीष मिश्रा ने क्यों मीडिया को धमकाया ? जानिए पूरी जानकारी

लखीमपुर खीरी हिंसा में बेटे आशीष के खिलाफ हत्या की धाराओं में केस दर्ज होने के बाद उनके पिता केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी ने आपा खो दिया। दरअसल, लखीमपुर खीरी में आज चाइल्ड केयर सेंटर में ऑक्सीजन प्लांट का उद्घाटन करने गए गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी से जब पत्रकारों ने तिकुनिया कांड के मुख्य आरोपी उनके बेटे आशीष मिश्र पर हत्या की साजिश संबंधी धाराएं बढ़ाने पर सवाल किया तो वह आपा खो बैठे। उन्होंने पत्रकारों के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया। उन्होंने पत्रकार पर हाथ भी उठाया। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

तिकुनिया हिंसा मामले में बेटे आशीष मिश्रा को फंसते देख पत्रकारों के सवाल पर बौखलाए अजय मिश्रा टेनी ने मीडियाकर्मियों पर गुस्सा निकालते हुए उन्हें अपशब्द बोल दिए।इस बीच अजय मिश्रा को दिल्ली तलब कर लिया गया है।

☑️ मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने पत्रकार पर हाथ उठाने की कोशिश भी की

बुधवार को जब पत्रकारों ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी से एसआईटी रिपोर्ट से सवाल पूछा तो वह भड़क गए. उन्होंने कहा, ‘जाकर एसआईटी से पूछो, ये तो तुम्हारे मीडिया वाले हैं न, इन्हीं एक निर्दोष आदमी को फंसाया है, शर्म नहीं आती है, कितने गंदे लोग हैं, क्या जानना चाहते हो… एसआईटी से नहीं पूछे..’

जो वीडियो सामने आया है, उसमें केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने पत्रकार पर हाथ उठाने की भी कोशिश की, लेकिन साथ में खड़े लोगों ने रोक लिया. इसके बाद फिर अजय मिश्रा टेनी ने पत्रकारों को गाली दी.

☑️आशीष समेत सभी आरोपियों पर धारा 307 भी लगी

मामले की जांच कर रहे एसआईटी के इंस्पेक्टर विद्या राम दिवाकर ने अपनी जांच में लापरवाही से गाड़ी चलाने की धारा 279, गंभीर चोट पहुंचाने की धारा 338 और गैर इरादतन हत्या की धारा 304A को खारिज कर आरोपीयों पर हत्या का प्रयास 307, खतरनाक हथियारों से लैस होकर चोट करने की धारा 326, एक प्लानिंग के तहत घटना को अंजाम देने की धारा 34, और लाइसेंसी असलहा के दुरुपयोग की धारा 3/ 25 / 30 आर्म्स एक्ट को शामिल करने की कोर्ट में अर्जी डाली थी. सीजेएम ने सुनवाई के बाद इन नई धाराओं को मंजूर करते हुए सभी आरोपियों का वारंट बनाया है.

☑️ आशीष मिश्रा की बढ़ेंगी मुश्किलें

एसआईटी के जांच अधिकारी ने जिस तरह से हत्या के प्रयास और एक राय होकर घटना को अंजाम देने जैसी धाराओं को कोर्ट में अर्जी देकर बढ़ाया है, इससे यह जरूर कहा जा सकता है कि लखीमपुर हिंसा मामले में पुलिस जल्द चार्जशीट दाखिल करने वाली है और पुलिस अपनी इस चार्जशीट में आशीष मिश्रा उसके दोस्त अंकित दास व अन्य आरोपियों पर साजिश के तहत हत्या और लाइसेंसी असलहे के दुरुपयोग जैसी गंभीर धाराओं को शामिल कर सकती है.

☑️मुख्य आरोपी आशीष मिश्र समेत सभी 13 आरोपियों पर बढ़ी हत्या की कोशिश की धारा

तिकुनिया कांड में मुख्य आरोपी आशीष मिश्र मोनू समेत सभी 13 आरोपियों पर दुर्घटना की धाराएं हटाकर हत्या की कोशिश व अंगभंग करने की धाराएं बढ़ाई गई हैं. मंगलवार को सीजेएम कोर्ट में दाखिल हुए सभी 13 आरोपियों पर अदालत ने हत्या की कोशिश की धारा 307, अंगभंग 326, शस्त्र के दुरुपयोग की धारा 3/25/30 व शस्त्र अधिनियम की धारा 35 की बढ़ोतरी की है.

☑️ राहुल गांधी बोले- अजय मिश्रा का इस्तीफा तो होना चाहिए

संसद में आज लखीमपुर खीरी हिंसा मामले पर जोरदार हंगामा हुआ. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि SIT की रिपोर्ट के बाद हम इस मामले को सदन में उठाना चाहते हैं। हमने कहा है कि इस पर कम से कम संसद में चर्चा तो होनी चाहिए, लेकिन चर्चा की अनुमति नहीं मिल रही है. मंत्री (अजय मिश्रा टेनी) का इस्तीफा तो होना ही चाहिए. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मंत्री से सवाल किया है कि पत्रकार रमन शुक्ला की मौत पर उनके माता-पिता के सवालों का जवाब दो.

☑️ राहुल गांधी के ट्वीट पर अजय मिश्रा का जवाब – बेटा दोषी हुआ तो इस्तीफा दे दूंगा

मंत्री टेनी ने इससे पहले मीडिया से बातचीत करते हुए कहा था कि यदि उनका बेटा इस मामले में दोषी साबित हुआ तो वे पद से इस्तीफा दे देंगे.मंगलवार को कोर्ट ने भी SIT के उस आवेदन को मंजूर कर लिया, जिसमें मंत्री के बेटे व उसके साथियों के खिलाफ हत्या की साजिश का मामला चलाए जाने की बात कही गई थी.

Rahul Gandhi Twit on Aashish Mishra

☑️ ये हैं लखीमपुर खीरी हिंसा के आरोपी

आशीष मिश्र ‘मोनू’, लवकुश, आशीष पांडे, शेखर भारती, अंकित दास, लतीफ उर्फ काले, शिशुपाल, नंदन सिंह बिष्ट, सत्यम त्रिपाठी, सुमित जायसवाल, धर्मेंद्र बंजारा, रिंकू राना और उल्लास उर्फ मोहित। इन सभी के खिलाफ हत्या और हत्या की साजिश का केस दर्ज किया गया है.

☑️ यह है पूरा मामला

तीन अक्तूबर को हुए तिकुनिया कांड में चार किसानों समेत आठ लोग मारे गए थे. तीन अक्तूबर की रात में ही तिकुनिया थाने में किसानों की ओर से दर्ज कराई 219 नंबर एफआईआर में आशीष मिश्र समेत अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था. वहीं चार अक्तूबर की सुबह सदर थाने में 220 नंबर एफआईआर में भाजपा पार्षद सुमित जायसवाल ने अज्ञात किसानों पर मुकदमा दर्ज कराया था. अब तक 219 नंबर एफआईआर मामले में आशीष मिश्र मोनू, अंकित दास, सुमित जायसवाल, लतीफ, नंदन सिंह बिष्ट, सत्यम त्रिपाठी, शिशुपाल समेत 13 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। वहीं 220 नंबर एफआईआर में विचित्र सिंह, गुरविंदर सिंह समेत चार किसानों की गिरफ्तारी हुई है.

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