Ritesh Agarwal Biography – जानिए कौन है रितेश अग्रवाल, कैसे बने दुनिया के दूसरे सबसे युवा अरबपति 

जिस उम्र में व्यक्ति अपनी पढ़ाई करता है या कॉलेज जाकर मस्ती और घुमाना फिरना करता है, उस उम्र में इतनी बड़ी कम्पनी बनाना इतना आसान नहीं होता है। जहां लोगो को स्टार्टअप करने में आधी जिंदगी निकल जाती है वहा सिर्फ 21 साल की उम्र में 360 करोड़ की कंपनी बनाना तारीफ के काबिल है।

Networth of Ritesh Agarwal

दुनिया के दूसरे सबसे युवा अरबपति और oyo room के संस्थापक 26 वर्षीय रितेश अग्रवाल की जिन्होंने अपनी किस्मत को खुद  लिखा है और यह बता दिया है  किसी काम को शुरू करने के लिए उम्र या पैसो की जरुरत नहीं होती है बल्कि जरुरत तो होती है एक अच्छे आइडिया की जो आपकी जिंदगी बदल सकता है।

रितेश अग्रवाल कौन है (Who is Ritesh Agarwal)

रितेश अग्रवाल का जन्म  16 नवम्बर 1993 में उड़ीसा राज्य में एक मारवाड़ी परिवार में हुआ। उनके पिता इंफ्रास्ट्रक्चर कारपोरेशन के साथ काम करते है  और उनकी माँ एक गृहणी है। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई अपने ही जिले के एक स्कूल से की और इसके बाद अपनी आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली चले गए और वहां के इंडियन स्कूल ऑफ़ बिज़नेस अकादमी से बिजनेस की पढ़ाई करने के लिए प्रवेश ले लिया लेकिन रितेश के दिमाग में कुछ और चल रहा था इसलिए उन्होंने अपनी पढाई बीच में ही छोड़ दी।

कैसे शुरू किया बिजनेस

रितेश बचपन से ही स्टीव जॉब्स, बिल गेट्स और मार्क जकरबर्क को अपना आदर्श मानते है और उनकी तरह ही लाइफ में कुछ अलग करना चाहते थे। oyo rooms की शुरुआत कुछ इस तरह हुई कि रितेश को ट्रैवेल्स करने का बहुत अच्छा लगता था लेकिन रूम की व्यवस्था करने में बहुत परेशानी होती थी। कभी उन्हें बहुत ज्यादा पैसे देकर बड़ा ख़राब रूम मिलता था लेकिन कभी कम पैसो में भी अच्छा रूम मिल जाता था।

बस यही से रितेश के दिमाग में ये आइडिया आया कि क्यों न ऑनलाइन रूम बुक करने लिए एक कंपनी की शुरुआत की जाए और लोगो को किफायती रेट में अच्छा रूम दिया जाये।

Ritesh Agarwal Oyo

सन 2012 में रितेश ने OREVAL STAYS नाम की एक ऑनलाइन रूम बुकिंग करने की कंपनी खोली जिसका उद्देश्य लोगो कम दाम में अच्छे रूम उपलब्ध करवाना था। कंपनी के शुरू होने के कुछ समय बाद ही उन्हें नए स्टार्ट अप में निवेश करने वाली venture nursery नाम की कंपनी से 30 लाख का फण्ड भी प्राप्त हो गया। अब रितेश के पास अपनी कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक फण्ड भी था।

Ritesh agarwal – फंड कैसे मिला

रितेश ने अपनी कंपनी को आगे बढ़ाने लिए थेल्स फेलोशिप जो कि pay pal कंपनी के सह–निर्माता थेल्स  के द्वारा रखी गई एक प्रतियोगिता में अपने इस आईडिया को रखा और किस्मत से उन्हें इस प्रतियोगिता में दसवां स्थान मिला और अपनी कंपनी के लिए 65 लाख की फेलोशिपभी मिली।

कंपनी को बंद करना पड़ा

बहुत ही कम समय में मिली इस सफलता से रितेश बहुत खुश थे लेकिन फिर भी उन्हें वो सब कुछ नहीं मिल रहा था जो रितेश ने सोचा था और oraval stays घाटे में चली गई। यहाँ तक के एक समय ऐसा भी आया जब रितेश को अपनी कंपनी को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा।

. दोबारा शुरू किया अपनी कंपनी को

रितेश अपने स्टार्ट-अप के असफल होने पर निराश नहीं हुए बल्कि उन्होंने सोचा कि क्यों न इस आईडिया पर दोबारा सोचा जाए और इसकी कमियों को दूर किया जाये।

इसके बाद रितेश ने सोचा के इंडिया में रूम कम दाम पर मिलाना कोई बड़ी बात नहीं लेकिन उसकी सुख सुविधाए ज्यादा महत्वपूर्ण होती है इसलिए रितेश ने सन 2013 में अपनी कंपनी OREVAL STAYS को फिर से एक नए नाम के साथ शुरू किया।

कंपनी को दिया नया नाम

अपनी कंपनी का नया नाम oyo room रखा जिसका मतलब ‘आपके अपने कमरे‘ होता है। रितेश अपनी गलतियों को फिर से दोहराना नहीं चाहते थे इसलिए उन्होंने बिसनेस के कुछ गुर सीखे जिससे उन्हें कंपनी के लिए सही फैसले लेने में मदद मिली।

रितेश को उनकी मेहनत का फल भी मिला और वो जैसा चाहते थे वैसा ही हुआ किफायती दामो में अच्छे रूम की सुविधा वाला आईडिया ट्रेवल्स को भी बहुत पसंद आया।

Ritesh Agarwal Forbes List

Ritesh Agarwal का नाम Forbes List “30 under 30” in consumer tech sector में आया है. उनको बहूत सारे awards भी मिले हैं जैसे “Top 50 entrepreneurs in 2013 by TATA First Dot Powered by NEN Awards”, “8 Hottest Teenage startup founders in the World by Business Insider”, “TiE-Lumis Entrepreneurial Excellence Award in 2014”, “ Business World Young Entrepreneur Award in 2015”.

ऐसे ही बहुत सरे अनुभवों ने रितेश को प्ररित किया और उन्होंने ये तय किया की वो अपना एक ऑनलाइन rooms booking कम्युनिटी शुरू करेंगे जिससे की customers को अच्छी सुबिधा के साथ रहने को जगह मिले।

18 वर्ष की आयु में रितेश ने Oravel Stays Pvt. Ltd. शुरू किया. Oravel एक ऐसा start-up platform है जो हर जगह में मौजूद hotels का लिस्ट बनाता है और उनकी booking लोगों के budget में कर उन्हे आधि मूल्य में दिलाता है.

पर कुछ दिन बाद रितेश को ये एहसास हुआ सिर्फ rooms को आधी मूल्य में लोगों को दिला तो देते हैं पर उन customer की सुख सुबिधा को नज़रंदाज़ कर उन्हें पूरा नहीं कर पाते हैं. इसलिए साल 2013 में रितेश ने Oravel Stays का नाम बदल कर OYO Rooms रख दिया जिसमे कम कीमत में आरामदायक rooms के साथ ही customer को हर तरह की सुख सुबिधा का ख्याल रखा जाता है और ब्रेकफास्ट भी दिया जाता है वो भी मुफ्त में.

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी निवेश मिला रितेश की कंपनी को

2014 में दो बड़ी कंपनियों LSVP (light speed venture partners) और DSG consumer partners ने रितेश की कंपनी में 4 करोड़ का निवेश किया और फिर सन 2016 में जापान की कंपनी SOFT BANK  ने भी सात अरब  रुपये निवेश किये जो की एक नयी कंपनी के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।

2 जुलाई 2016  को एक अंतरराष्ट्रीय मैगजीन GQ ने 50 महत्वपूर्ण युवा उद्योगपतियों की लिस्ट में रितेश का नाम भी शामिल किया गया इस लिस्ट में सिर्फ उन लोगो को शामिल किया जाता है जो अपने नए आईडिया से लोगो की जिंदगी को आसान बना दे। इसके अलावा हुरुन ग्लोबल रिच लिस्ट 2020 के मुताबिक, रितेश विश्व के दूसरे सबसे युवा सेल्फ मेड बिलिनेयर हैं। अभी उनकी उम्र 26 साल है। नंबर वन पर कायली जेनर हैं, जिनकी उम्र 22 साल है।

सिख जिंदगी की

रितेश की जिंदगी के संघर्ष और सफलता की कहानी से आज ये तो समझ में आ गया कि बड़ा बनाना है तो बस एक बड़े आईडिया की जरूरत है जो सबसे अलग हो और लोगो की जिंदगी में बदलाव लाये।


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