यह व्यायाम करेगा कोरोना मुक्त क्योंकि इसमें…..

सर्वश्रेष्ठ श्वास व्यायाम

जैसा कि हम सभी जानते हैं, कोविड-19 की दूसरी लहर लोगों के लिए काफी घातक साबित हो चुकी है। कोरोना की दूसरी लहर इतनी भयंकर रही कि कुछ ही दिनों में कई परिवार हमेशा के लिए उजड़ गए। किसी ने अपनी मां को खोया तो किसी के सिर से पिता का साया उठ गया। कुछ मामलों में माता-पिता दोनों की ही कोरोना से मौत हो गई और बच्चे हमेशा के लिए अनाथ हो गए।

अब कोविड-19 के नए वेरिएंट ओमिक्रोन ने भी देश में पैर पसारना शुरू कर दिया है। वायरस के नए स्ट्रेन शरीर के कई अंगों को अपना शिकार बना रहे है। सार्स-सीओवी-2 वायरस, फेफड़ों और श्वसन प्रणाली को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है जिसके कारण लोगों को सांस लेने में काफी परेशानी होती है। कॉविड की दूसरी लहर में मरीजों के ब्लड ऑक्सीजन के स्तर में तेजी से गिरावट के मामले भी सामने आए थे, जिसके कारण कई लोग मौत के कुए का शिकार बन गए।

ऐसी गंभीर परिस्थितियों में, जब देश स्वास्थ संसाधनों की भारी कमी का सामना कर रहा है वही हमें भी स्वाभाविक रूप से फेफड़ों को शक्ति कैसे प्रदान होगी उसके उपायों के बारे में सोचने का प्रयास करना चाहिए। वैज्ञानिकों के अनुसार फेफड़ों की शक्ति को बढ़ाने में सांस लेने वाले योग या व्यायाम करना चाहिए। COVID-19 के लिए सर्वश्रेष्ठ श्वास व्यायाम कौन सा है? आइए जानते हैं कुछ व्यायाम के बारे में जिससे सांस लेने की समस्या दूर हो जाएगी, साथ ही कोरोना से लड़ने में आसानी होगी।

नोट :– सावधानी रखें, योग संचालन के दौरान सांस लेने के प्रति सजग रहें। एक सांस में एक चक्र पूरा करें। बाजू को बिलकुल सीधा रखें। शरीर को तानकर रखें। फेंफड़ों या कंधों में पहले से ही कोई परेशानी है तो किसी स्वास्थ्य शिक्षक से दिशा निर्देश लेकर ही यह आसन करें।

पूर्ण भुजा शक्ति विकासक क्रिया योग की विधि

यह कोविड-19 से लड़ने के लिए सर्वश्रेष्ठ श्वास व्यायाम माना गया है। इसकी प्रक्रिया नीचे दिए गए निम्नलिखित चरणों में हैं :-

  • सबसे पहले सावधान मुद्रा में खड़े हो जाएं।
  • अब दोनों पैरों के पंजों को आपस में मिला लें।
  • अब भुजाओं को सीधा, कंधों को पीछे खींचकर और सीने को तानकर रखें।
  • इसके बाद दाएं हाथ का अंगूठा भीतर और अंगुलियां बाहर रखते हुए मुट्ठी बांध लें।
  • तत्पश्चात बाएं हाथ के तलवे को जंघा से सटाकर रखें।
  • अब श्वास भरते हुए दाईं भुजा को कंधों के सामने लाएं।
  • उसके बाद श्वास भरते हुए भुजा को सिर के ऊपर लाएं।
  • अब श्वास छोड़ें और दाईं हथेली को कंधों के पीछे से नीचे लेकर आएं; इस तरह एक चक्र पूरा होगा।
  • अब दाएं हाथ से लगातार 10 बार इसी तरह गोलाकार चलाएं,‌ उसके बाद बाएं हाथ से भी मुट्ठी बनाकर 10 बार गोलाकार चलाएं।
  • अंत में धीरे-धीरे श्वास को सामान्य कर लें।
  • श्वास के सामान्य होने के बाद दोनों हाथों की मुट्ठी बनाकर 10 बार गोलाकार चलाएं‌‌ इसे सामने से पीछे की ओर ले जाएं।
  • अब जिस तरह हाथों को एक दिशा में गोलाकार घुमाते हैं, उसी तरह हाथों को उल्टी दिशा में भी गोलाकार घुमाना चाहिए; इससे विपरीत योग संचालन भी हो जाता है।

पूर्ण भुजा शक्ति योग के लाभ

  • इस संचालन के आसन को करने से प्राण शक्ति अर्थात ऑक्सीजन का विकास होता है ,साथ ही आपका ऑक्सीजन लेवल भी बढ़ता है। जैसे आप कोरोना को काफी आसानी से हरा सकते है।
  • यह आसन खुलकर गहरी सांस लेने और छोड़ने में काफी सहायक होता है। जिससे फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है और इसके चलते ऑक्सीजन का स्तर बढ़ जाता है।
  • ऑक्सीजन का लेवल बढ़ने से फेफड़े मजबूत हो जाते हैं जिससे व्यक्ति दिन भर चुस्त और तंदुरुस्त महसूस करता है।
  • यह आसन का सबसे बड़ा लाभ है कि इसके अभ्यास से भुजाओं की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और कंधों की जकड़न दूर होती है।
  • इसके नियमित अभ्यास से शरीर के सभी अंगों में ऑक्सीजन का संचार होने लगता है।

गहरी सांस वाले व्यायम कैसे फायदेमंद हैं?

भस्त्रिका प्राणायाम करते के दौरान आप गहरी सांस लेते हैं। ये आपकी नाड़ियों, नाक और साइनस के लिए फायदेमंद है। ये आपके शरीर में ऊर्जा पैदा कर देता हैं। ये आपके फेफड़ों को मजबूत बनाता है। अस्थमा को ठीक करने में मदद करता है। सामान्य सर्दी का इलाज करने के लिए ये प्राणायाम फायदेमंद है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे व्यायाम सांस लेने की समस्या को दूर करने के साथ इससे संबंधित अन्य जटिलताओं को कम करने में भी सहायक हो सकते हैं। विशेषरूप से ऐसे वक्त में जब देश में मेडिकल ऑक्सीजनों की काफी किल्लत है, इस तरह के व्यायाम सभी लोगों के लिए बेहद लाभदायक होते हैं और कोरोना को हराने में हमारी मदद करते हैं।

तनाव और चिंता को भी कम करते हैं ऐसे व्यायाम।वैज्ञानिकों का कहना हैं कि गहरी सांस लेने वाले व्यायाम न सिर्फ सांस की समस्या को दूर करते हैं, साथ ही यह कोरोना मरीजों में तनाव और चिंता जैसी मानसिक परेशानियों को कम करने में भी बेहद लाभदायक हो सकते हैं। इतना ही नहीं डॉक्टर कोविड संक्रमित मरीजों को योग आसन और गहरी सांस लेने के व्यायाम करने की भी सलाह देते हैं। यह उपाय रोगी के शरीर में ऑक्सीजन को बढ़ाने का साथ फेफड़ों को मजबूती देते हैं। आइए ऐसे ही कुछ व्यायामों के बारे में जानते हैं।

लिप ब्रीदिंग व्यायाम

लिप ब्रीदिंग व्यायाम

कोरोना से लड़ने के लिए यह व्यायाम काफी लाभदायक होता है। क्योंकि इससे शरीर का ऑक्सीजन लेवल काफी हद तक बढ़ जाता है। शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाने और वायुमार्ग को खुला रखने के लिए लिप ब्रीदिंग व्यायाम को सबसे बेहतर उपायों में से एक माना जाता है। इस व्यायाम को इस प्रकार करें – (पर्स लिप ब्रीदिंग)

  • नाक से सांस यदि 10 सेकंड में लेते हैं तो मुंह से 20 सेकंड में छोड़ें।
  • सांस छोड़ते समय होंठ सीटी या पर्स जैसे बना लें।
  • इसको एक बार में 40-50 बार करें।
  • दिन में 3-4 बार दोहरा सकते हैं।

प्राणायाम

प्राणायाम

प्राणायाम योग के आठ अंगों में से एक है। प्राणायाम आमतौर पर सांस को नियंत्रण करने का कार्य करता है। इससे शरीर में उर्जा उत्पन्न होती है और शरीर को स्वस्थ एवं मजबूत बनाने में सहायक होता है।

ऐसे करें प्राणायाम –

  • सबसे पहले आप चुपचाप 1 मिनट के लिए बैठ जाएं और अपने सास को सामान्य रूप से ले और छोड़े।
  • आंखें बंद कर ले, दृष्टि को नाक पर केंद्रित करें, पीठ सीधी रखें और दिमाग को शांत करें।
  • एक गहरी सांस लें और उसे धीरे-धीरे छोड़ें जल्दबाजी बिल्कुल भी ना करें।
  • इसे आप अपनी सुविधा के अनुसार 10-20 बार दोहराएं।

प्राणायाम के लाभ –

  • इससे आपका ऑक्सीजन लेवल बढ़ जाता है।
  • प्राणायाम तनावमुक्त करता है साथी शरीर में ऊर्जा उत्पन्न करता है।
  • प्राणायाम शरीर को स्वस्थ सेहत प्रदान करती हैं।

अनुलोम विलोम

अनुलोम विलोम

अनुलोम का अर्थ होता है सीधा और विलोम का अर्थ है उल्टा। यहां पर सीधा का अर्थ है नासिका या नाक का दाहिना छिद्र और उल्टा का अर्थ है-नाक का बायां छिद्र। अर्थात अनुलोम-विलोम प्राणायाम में नाक के दाएं छिद्र से सांस खींचते हैं, तो बायीं नाक के छिद्र से सांस बाहर निकालते है। यह व्यायाम बच्चे से लेकर बूढ़ा तक आसानी से कर सकता है। ध्यान रखें जिसने हाल ही में सर्जरी करवाई है वह यह व्यायाम ना करें।

अनुलोम विलोम के लाभ –

  • शरीर में शुद्ध ऑक्सीजन की क्षमता को बढ़ाता है।
  • यह फेफड़ों को मजबूत बनाता है।
  • मांसपेशियों की प्रणाली में सुधार लाता है।
  • तनाव मुक्त करता है।

किसे करना चाहिए यह व्यायाम ?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ के अनुसार, जिन लोगों को को विज्ञान के या मध्यम लक्षण दिखाई देते हैं। यह सभी व्यायाम उनके लिए ही लाभदायक या फायदेमंद हो सकते हैं। हालांकि जिन मरीजों को तेज बुखार सांस लेने में तकलीफ पेर या सीने में दर्द की समस्या है, सर्दी खांसी या अन्य परेशानी में आप सबसे पहले डॉक्टर से सलाह लें।

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