रूस क्यों कर सकता है यूक्रेन पर हमला? इसमें अमेरिका किस वजह से शामिल हुआ?

रूस क्यों कर सकता है यूक्रेन पर हमला?

Ukraine Russia US :- यूक्रेन और रूस के बीच इस समय तनाव चरम पर है. ऐसी आशंका है कि रूस इस देश को अपने कब्जे में लेने के लिए यहां कभी भी हमला कर सकता है.

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 19 जनवरी 2022 को कहा था कि वह समझते हैं कि रूस यूक्रेन पर हमला करेगा और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को चेताया कि वह ऐसा करने पर पछताएंगे. उन्होंने यह बात महीनों के तनाव के बाद कही थी. रूस ने पिछले कई महीनों में यूक्रेन के साथ लगती अपनी सीमा पर मोटे तौर पर एक लाख सैनिकों को तैनात किया है. रूस ने फरवरी में होने वाले संयुक्त सैन्य अभ्यास के लिए जनवरी के मध्य में बेलारूस में सैनिकों को भेजना शुरू कर दिया है. इस देश की सीमा यूक्रेन और रूस दोनों से लगती है.

अपने सैन्य बलों को वापस बुलाने से पहले पुतिन ने अमेरिका से सुरक्षा की कई मांगें की हैं. पुतिन ने मांग की है कि यूक्रेन के नाटो में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाए और यह समझौता किया जाए कि नाटो पूर्वी यूरोप के अधिकांश हिस्सों से सैनिकों और हथियारों को हटाए. इस खतरे को गंभीरता से लेने की वजह है. पुतिन ने 2014 में यूक्रेन के क्रीमिया हिस्से को अपने देश में मिला लिया था.

यूक्रेन के रूस के साथ रिश्ते कैसे हैं?

  • यूक्रेन को 30 साल पहले सोवियत संघ के विघटन के बाद अजादी मिली थी.
  • वह तब से भ्रष्टाचार निपटाने एवं अंदरूनी विभाजनों को पाटने के लिए संघर्ष कर रहा है.
  • यूक्रेन का पश्चिमी क्षेत्र आमतौर पर पश्चिमी यूरोप के साथ एकीकरण का हामी है, जबकि देश का पूर्वी हिस्सा रूस के साथ करीबी रिश्तें रखने का पक्षधर है.

2014

रूस और यूक्रेन के बीच फरवरी 2014 में तनाव चरम पर था, जब हिंसक प्रदर्शनकारियों ने यूक्रेन के रूस समर्थक राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच को सत्ता से बेदखल कर दिया था. इन प्रदर्शनों को अब ‘गरिमा की क्रांति’ के रूप में जाना जाता है. लगभग उसी समय, रूस ने क्रीमिया को जबरन अपने देश में मिला लिया था. यूक्रेन एक कमजोर स्थिति में है, क्योंकि उसके पास अस्थायी सरकार है और सेना की भी तैयारी नहीं है. पुतिन तुरंत पूर्वी यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र में हमला करने के लिए बढ़ गए. यूक्रेन के सरकारी बलों और रूस समर्थित अलगाववादियों के बीच सशस्त्र संघर्ष में 14,000 से अधिक लोग मारे गए हैं. क्रीमिया को लेकर अपनी प्रतिक्रिया के विपरीत रूस ने लगातार डोनबास संघर्ष में संलिप्तता से इनकार किया है.

2019

2019 में सत्ता में आए यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोदिमीर जेलेंस्की ने भ्रष्टाचार विरोधी, आर्थिक नवीनीकरण और डोनबास क्षेत्र में शांति को लेकर प्रचार किया था.

पुतिन यूक्रेन पर हमले की धमकी क्यों दे रहे?

यूक्रेन के साथ लगती सरहद पर सैन्य तैनाती बढ़ाने का कारण है कि पुतिन में दंड से मुक्ति की भावना है. पुतिन यह जानते हैं कि पश्चिमी राजनीतिक नेता जो रूसी हितों की हिमायत करते हैं और पद छोड़ने के बाद रूसी कंपनियों के साथ जुड़ जाते हैं.कई मौके पर पुतिन ने देखा है कि कुछ प्रमुख पश्चिमी राजनीतिक नेताओं ने रूस के साथ गठबंधन किया है. ये गठबंधन पश्चिमी देशों को पुतिन के खिलाफ एकीकृत मोर्चा बनाने से रोक सकते हैं.

उदाहरण के लिए, जर्मनी के पूर्व चांसलर गेरहार्ड श्रोएडर ने पद पर रहते हुए यूरोप और रूस के बीच रणनीतिक सहयोग की वकालत की. बाद में वह 2017 में रूसी तेल कंपनी रोसनेफ्ट के अध्यक्ष बन गए. पद पर रहते हुए रूस के प्रति नरम रुख को बढ़ावा देने वाले अन्य वरिष्ठ यूरोपीय राजनीतिक नेताओं में फ्रांस के पूर्व प्रधानमंत्री फ्रांकोइस फिलोन और ऑस्ट्रिया के पूर्व विदेश मंत्री कैरिन केनिसल शामिल हैं.

क्या है पुतिन का आखिरी खेल?

पुतिन यूक्रेन को रूस के ‘प्रभाव क्षेत्र’ के हिस्से के रूप में देखते हैं- एक स्वतंत्र राज्य के बजाय एक क्षेत्र. स्वामित्व की इस भावना ने क्रेमलिन को यूक्रेन को यूरोपीय संघ और नाटो में शामिल होने से रोकने की कोशिश करने के लिए प्रेरित किया है. पुतिन यूक्रेन का उपयोग पश्चिमी शक्तियों द्वारा रूस पर लगाए प्रतिबंध हटाने के लिए भी कर रहे हैं. फिलहाल अमेरिका ने रूस के खिलाफ विभिन्न राजनीतिक और आर्थिक प्रतिबंध लगा रखे हैं. यूक्रेन पर रूसी हमले से राजनयिक स्तर पर अधिक बातचीत हो सकती है, जिससे इन प्रतिबंधों पर रियायतें मिल सकती हैं.

अमेरिका संघर्ष में शामिल क्यों होना चाहता है?

क्रीमिया पर कब्जा करने और डोनबास संघर्ष का समर्थन करके रूस ने यूक्रेन के लिए बुडापेस्ट ज्ञापन सुरक्षा आश्वासन को तोड़ा है. यह 1994 में अमेरिका, ब्रिटेन और रूस के बीच हुआ एक समझौता है जिसका लक्ष्य यूक्रेन द्वारा परमाणु हथियारों को त्यागने की प्रतिबद्धता के बदले में उसकी संप्रभुता की रक्षा करना है.

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